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What Will Happen If Anyone Got Monkeypox…?
क्या होगा अगर किसीको Monkeypox हो जाये…?
©Suman
बुखार, फिर लिंफ नोड्स यानी लसीका ग्रंथियों में सूजन और फिर आपकी पूरी बॉडी में बड़े-बड़े दाने।
Covid-19, के शुरू होने के दो साल से ज़्यादा समय के बाद, चलिए तो क्या होगा अगर की यानी वैश्विक महामारी दुनिया भर में फैलने की कगार पर हो सकती है।
और आप इसके संपर्क में आने वाले शुरुआती लोगों में से एक हो सकते हैं। आप पढ रहे हैं क्या होगा अगर और ये है Monkeypox वो अगला वायरस है जिसके बारे में हर कोई बात कर रहा है।
और ठीक Covid-19 की तरह, ये ज़ूनोटिक है मतलब ये किसी इंफेक्टेड जानवर से भी आप तक पहुंच सकता है। ये काफ़ी हद तक स्मॉल पॉक्स से मिलता-जुलता है, लेकिन ये ठीक वैसा नहीं है।
बस Covid-19 से अलग, Monkeypox कई दशकों से हमारे बीच में है। 1970 के दशक से, सेंट्रल और वेस्ट अफ्रीका में इसे रिपोर्ट किया जा रहा है।
और हाल ही में, ये वायरस दुनिया के वेस्ट वाले हिस्से में भी दस्तक देने लगा है। एक चीज़ जिससे साइंटिस्ट्स चिंता में हैं, वो ये है कि इंफेक्ट होने के लिए आपका अफ्रीका तक जाना भी ज़रूरी नहीं है।
देखिए, दुनिया ने पहले भी Monkeypox के केसेस का सामना किया है। जो लोग इंफेक्टेड हैं, वो शायद इस बीमारी को नाइजीरिया से लाए होंगे, जहां लोग 2017 से इस बीमारी के फैलाव का सामना कर रहे हैं।
लेकिन इस बार, ये अलग है। ऐसा लग रहा है कि ये किसी के साथ नज़दीकी संबंध बनाने से भी फैल सकती है।
हालांकि हेल्थ अथॉरटीज़ इस बात को तय नहीं कर पा रही हैं कि Monkeypox सेंट्रल और वेस्ट अफ्रीका के बाहर है या नहीं, पर यहां एक दिलचस्प थ्योरी है।
इस थ्योरी के हिसाब से, ये पता चलता है कि आप आप सेक्सुअल संबंधों के दौरान भी इंफेक्ट हो सकते हैं।
इससे पहले कि आप बहुत ज़्यादा जोश में आ जाएं, साइंटिस्ट अब भी ये नहीं जानते कि Monkeypox सिर्फ़ सेक्सुअल संबंधों के रास्ते फैल सकता है या नहीं।
लेकिन आपको ये किसी इंफेक्टेड शख़्स के बॉडी फ्लूइड्स से, दानों से या मुंह और नाक से निकलने वाले ड्रॉप्लेट्स की वजह से हो सकता है।
पर साइंटिस्ट्स ये ज़रूर जानते हैं कि अगर आप एक इंफेक्टेड जानवर के बॉडी फ्लूइड्स के संपर्क में आते हैं, तो आपको Monkeypox हो सकता है।
और इससे पहले कि आप बंदरों के पास अलर्ट रहना शुरू कर दें, इनका इस वायरस के फैलने से लेना-देना नहीं है।
Monkeypox आमतौर पर ट्री स्क्विरल्स यानी पेड़ों की गिलहरियों, रोप स्क्विरल्स यानी धारीदार गिलहरियों, और डोरमाईस जैसे छोटे जानवरों से फैलता है।
अगर आप में ये वायरस होता है, तो आपको तुरंत पता नहीं चलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि Monkeypox का इंक्यूबेशन यानी रोग बढ़ाने का पीरियड 5 से लेकर 21 दिनों तक का होता है।
तो, हो सकता है कि आप आराम से अपनी रोज़ाना की ज़िंदगी जीते हुए अपने आस- पास के लोगों को इंफेक्ट कर रहे हों। जब इंफेक्शन की शुरुआत होगी, तो जो पहली चीज़ आप नोटिस करेंगे, वो है बुखार।
आपके सर में भयानक दर्द होगा, और आपको बहुत थकान महसूस होगी। और ये लक्षण पांच दिनों तक रह सकते हैं। शुरुआत में, ये चिकनपॉक्स या चेचक से ज़्यादा अलग नहीं होगा।
बस आपके लिम्फ नोड्स में सूजन आ जाएगी। तो इन पर अच्छे से नज़र रखें। बुखार आने के तीन दिन के अंदर, चीज़ें बिगड़ने लगेंगी। आपको अपने पूरे चेहरे, हाथों और पैरों पर रैशेस यानी लाल निशान नज़र आने लगेंगे।
70 परसेंट चांसेस हैं कि आपके मुंह के अंदर फोड़ा हो जाएगा, और 30 परसेंट चांसेस हैं, कि ये रैशेस आपके प्राइवेट हिस्सों तक फैल जाएंगे।
इसका असर आपकी आंखों पर भी हो सकता है। हो सकता है आपकी क़िस्मत अच्छी हो, और आपकी बॉडी पर सिर्फ़ कुछ ही दाने आएं।
या हो सकता है कि आपको हज़ारों दानों को सहना पड़े। पहले, ये ऐसे दिखेंगे जैसे आपकी स्किन पर थोड़े से उठे हुए दाने हों। फिर, इनमें एक ट्रांसपेरेट फ्लूइड भर जाएगा।
एक या दो दिन में, ये फ्लूइड पीले रंग का हो जाएगा। और लगभग एक हफ्ते के बाद, आपके दाने सूखकर गिरने लगेंगे। इतना बुरा नहीं है, है ना?
बदक़िस्मती से, ये और भी बिगड़ सकता है। हो सकता है कि Monkeypox आपकी बॉडी पर हमला करने वाला अकेला वायरस ना हो।
ये काफ़ी गंभीर परेशानियों को अपने साथ ला सकता है जैसे निमोनिया, दिमाग़ का इंफेक्शन या इंसेफलाइटिस और आंखों के सफ़ेद हिस्से यानी कोर्निया का इंफेक्शन।
और Monkeypox के लिए कोई तय इलाज नहीं है। स्मॉलपॉक्स के एंटीवायरल्स से आप Monkeypox के लक्षणों को ठीक कर सकते हैं।
लेकिन आप इन लक्षणों के लिए ढेर सारे फ्लूइड्स पीना और अच्छा खाना खाना भी आज़मा सकते हैं। आपको ध्यान रखना होगा कि आपको स्मॉलपॉक्स की वैक्सीन लगी हो।
साइंटिस्ट्स ने इस बात को पक्का किया है कि स्मॉलपॉक्स की वैक्सीन Monkeypox के लिए लगभग 85 परसेंट कारगर होती है। इसके अलावा, आप कुछ हफ्तों में ठीक हो सकते हैं।
बस आपकी स्किन पर कुछ निशान बस आपकी स्किन पर कुछ निशान इस बात की याद के तौर पर बचे रह जाएंगे कि आपको Monkeypox हुआ था।
कुल मिला कर, घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है और लॉकडाउन के डर से सामान इकट्ठा करने की भी ज़रूरत नहीं है। एक बार फिर बता दें, कि Monkeypox, Covid-19 नहीं है।
ये एक कमरे में बैठे लोगों में ऐसे ही फैलने नहीं वाला साथ ही, Monkeypox नया नहीं है। हम Covid-19 का सामना करने के लिए तैयार नहीं थे।
लेकिन हमारे पास Monkeypox वायरस से जुड़ी कई दशकों की जानकारी है, और एक कारगर वैक्सीन भी। तो चलिए इस बात पर घबराते नहीं हैं। बशर्ते हम ये ना सोच लें कि हमें सारी वैक्सीन्स को एक साथ बंद करना है।
ये करना कैसा होगा, जानने के लिए पढते रहें ‘‘क्या होगा अगर’’
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